Difference between Prokaryotic cell and Eukaryotic cell in hindi / प्रोकैरियोटिक सेल और यूकैरियोटिक सेल के बीच अंतर बीच अन्तेर

 हेल्लो दोस्तों ,

आज के आर्टिकल में हम Prokaryotic cell and Eukaryotic cell को विस्तार से जानेगे और Prokaryotic cell and Eukaryotic cell के बीच अन्तर और समानताओ पर विस्तार से चर्चा करेगे , तो चलिए शुरू करते है :

Prokaryotic cell and Eukaryotic cell जीविका के संरचनात्मक और कार्यक्षमता स्तर पर दो मुख्य श्रेणियों में आते हैं। यह दोनों सेल टाइप्स जीवों के सभी जीवित संवृत्तियों के पिछले चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके विकास और कार्यों को संचालित करने में महत्वपूर्ण होते हैं।

 Prokaryotic cell and Eukaryotic cell

प्रोकैरियोट्स (Prokaryotes):

  • परिभाषा (Definition): प्रोकैरियोट्स एक प्रकार की सेल होती है जिनमें न्यूक्लियस (नक्लियस) की मेम्ब्रेन से घिरी नहीं होती, और जिनमें न्यूक्लियॉइड (नक्लियॉइड) क्षेत्र में डीएएन (डीएनए) और अन्य जेनेटिक सूचना स्थित होती है। ये सेल अणुओं की एक विशेष श्रेणा होती है जिनमें बैक्टीरिया और आर्किया शामिल होते हैं।
  • एतिहासिक प्रष्ठभूमि (Historical Background): प्रोकैरियोट्स की खोज और अध्ययन का प्रारंभ कई सालों से किया जा रहा है। प्रोकैरियोट्स की पहली खोज रोबर्ट हुक द्वारा 17वीं शताब्दी में की गई थी, जिन्होंने माइक्रोस्कोप का उपयोग करके उन्हें देखा। उन्होंने उनकी आकृति को तापसी की तरह की जीवित कोशिकाओं से तुलना की और उन्हें “कोशिकाएँ” कहकर नामकरण किया। इसके बाद, 20वीं शताब्दी में और भी अध्ययन से प्रोकैरियोट्स की संरचना और कार्यों की अधिक जानकारी प्राप्त हुई।

यूकैरियोट्स (Eukaryotes):

  • परिभाषा (Definition): यूकैरियोट्स एक प्रकार की सेल होती है जिनमें न्यूक्लियस (नक्लियस) की मेम्ब्रेन द्वारा घिरी जाती है, और जिनमें न्यूक्लियॉइड (नक्लियॉइड) क्षेत्र में डीएएन (डीएनए) और अन्य जेनेटिक सूचना स्थित होती है। ये सेल जीवों के विभिन्न राज्यों, जैसे कि पौधों, जानवरों, और फंगस में पाई जाती है।
  • एतिहासिक प्रष्ठभूमि (Historical Background): यूकैरियोट्स की खोज और अध्ययन भी विज्ञानिकों द्वारा विभिन्न समयों में किया गया है। यूकैरियोट्स की उपस्थिति और उनकी महत्वपूर्ण विशेषताएँ समय के साथ स्पष्टीकृत हुई हैं। यह विभाजन सेलों की मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट करने में मदद करता है।

 

Difference between Prokaryotic cell and Eukaryotic cell /अंतर

विशेषता प्रोकैरियोट्स यूकैरियोट्स
कोशिका का

 

प्रकार

हमेशा एककोणीय (Unicellular) यकृत्रीय (Unicellular) और बहुकोणीय (Multicellular)
न्यूक्लियस न्यूक्लियस नहीं होता है, न्यूक्लियॉइड क्षेत्र में डीएएनए स्थित होता है न्यूक्लियस होता है, जिसमें डीएएनए और अन्य गेनेटिक सूचना संग्रहित होती है
डीएएनए व्यवस्था डीएएनए वृत्ताकार रहते हैं डीएएनए रैखिक रहते हैं
मिटोकॉन्ड्रिया मिटोकॉन्ड्रिया नहीं होते हैं मिटोकॉन्ड्रिया होते हैं, जिन्हें ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है
अन्य सेल अंग एंडोप्लाज्मिक रेटिक्युलम, गोल्गी बॉडी, लिजोसोम, चेंट्रोसोम आदि नहीं होते हैं एंडोप्लाज्मिक रेटिक्युलम, गोल्गी बॉडी, लिजोसोम, चेंट्रोसोम आदि होते हैं
कोशिका विभाजन द्विघाती विभाजन (Binary Fission) के माध्यम से होता है मिटोसिस (Mitosis) के माध्यम से होता है, जिसमें यकृत्रीय और बहुकोणीय कोशिकाएँ नई कोशिकाओं में विभाजित होती हैं

 

Similarity  between Prokaryotic cell and Eukaryotic cell /समानताएं 

  1. कोशिका की धातुमल (Cytoplasm): दोनों प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ अपनी धातुमल से बनी होती हैं, जिसे साइटोप्लाज्म कहा जाता है।
  2. रासायनिक संरचना (Chemical Structure): दोनों प्रकार की कोशिकाएँ अपने रासायनिक संरचना में धीमे रूप में अंतरित होती हैं, जिससे उनके विशिष्ट संरचनात्मक विशेषताएँ उत्पन्न होती हैं।
  3. रिबोसोम (Ribosomes): दोनों प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ रिबोसोमों के संश्लेषण में भाग लेती हैं, जो प्रोटीनों की निर्माण प्रक्रिया को संचालित करते हैं।
  4. सेल कोशिकाएँ होती हैं: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ दोनों ही सेल की मौखिक और संरचनात्मक इकाइयों को प्रतिनिधित करती हैं। यह इकाइयाँ कोशिका के अंदर होती हैं और उसकी अंतरिक गतिविधियों को प्रबंधित करती हैं।
  5. जीवशारीरिक प्रक्रियाएँ (Physiological Processes): दोनों प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ जीवशारीरिक प्रक्रियाओं को संचालित करने में सहायक होती हैं। ये प्रक्रियाएँ ऊर्जा उत्पन्न करने, प्रोटीन संश्लेषण करने, कोशिका की वृद्धि और विकास को संचालित करती हैं।
  6. ऊर्जा उत्पन्न करना (Energy Production): दोनों प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए अपने आपको विभिन्न तरीकों से संरचित करती हैं। यह ऊर्जा उत्पन्न करने की प्रक्रियाएँ ग्लाइकोलिसिस और सेलुलर श्वसन के माध्यम से हो सकती हैं।
  7. गेनेटिक सूचना संग्रहण (Genetic Information Storage): दोनों प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाएँ अपनी गेनेटिक सूचना को संरक्षित रखने के लिए अपने न्यूक्लियस या न्यूक्लियॉइड में संचालित करती हैं। यह सूचना जीव की विकास और कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण होती है।
  8. प्रकार की विविधता (Diversity of Types): दोनों प्रकार की कोशिकाएँ विभिन्न प्रकार के जीवों में पाई जाती हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ बैक्टीरिया और एर्किया में पाई जाती हैं,

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